जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालयों का किया निरीक्षण
हमीरपुर (संवाददाता)। जनपद में परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने, मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विद्यालयों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अशोक कुमार ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार के साथ शीतलपुर एवं बदनपुर स्थित प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों, शिक्षकों की उपस्थिति, मिड-डे मील, साफ-सफाई, स्मार्ट क्लास तथा ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत कराए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालयों में बच्चों को दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता का जायजा लेते हुए निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय आएं और पूरी जिम्मेदारी के साथ शिक्षण कार्य करें। बच्चों की शैक्षणिक प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई प्रभावित न हो।
जिलाधिकारी ने विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था का जायजा लिया तथा इसके माध्यम से बच्चों को दी जा रही शिक्षा के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि उपलब्ध डिजिटल एवं शैक्षणिक संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए शिक्षण कार्य को अधिक रुचिकर एवं उपयोगी बनाया जाए।
उन्होंने ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत निर्धारित 19 पैरामीटर के सापेक्ष विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि विद्यालयों में निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। स्वच्छ पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखा जाए, जिससे विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
जिलाधिकारी ने विद्यालयों में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) की व्यवस्था की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि बच्चों को निर्धारित मेन्यू एवं मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता तथा वितरण व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। विद्यालय परिसर एवं रसोईघर में साफ-सफाई बनाए रखी जाए और बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से संबंधित मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में उपलब्ध व्यवस्थाओं का उद्देश्य बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें तथा व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी पाए जाने पर तत्काल सुधार सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आंगनवाड़ी केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, बच्चों के वजन की जांच के लिए वजन मशीन तथा पोषण एवं भोजन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण का विशेष ध्यान रखा जाए। बच्चों के वजन की नियमित निगरानी की जाए तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप पोषण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। केंद्र पर साफ-सफाई एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित रखी जाएं।
जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति, मिड-डे मील तथा मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की जाए। खंड शिक्षा अधिकारी भी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से विद्यालयों का भ्रमण करें और कमियों को चिह्नित कर उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित कराएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति एवं बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती है, तो संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा बच्चों के भविष्य की आधारशिला है। अतः सभी संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण बेहतर रहे, बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाई का अवसर मिले तथा शासन की मंशा के अनुरूप शिक्षा एवं पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ पात्र बच्चों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे।
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