सीएम योगी ने उचित दर विक्रेताओं के लाभांश में वृद्धि (90 रु0 से बढ़ाकर 125 रु0 प्रति कुन्तल) कार्यक्रम को किया सम्बोधित

Aug 17, 2026 - 22:08
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सीएम योगी ने उचित दर विक्रेताओं के लाभांश में वृद्धि (90 रु0 से बढ़ाकर 125 रु0 प्रति कुन्तल) कार्यक्रम को किया सम्बोधित

लखनऊ, संवाददाता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के लगभग 80 हजार उचित दर विक्रेताओं को मार्जिन मनी में 30 प्रतिशत वृद्धि का उपहार मिल रहा है। उचित दर विक्रेता व फेयर प्राइस शॉप के संचालक शासन और जनता-जनार्दन के बीच सेतु तथा शासन की योजनाओं को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारने का कार्य करते हैं। जब व्यवस्था स्पष्ट और पारदर्शी होती है, तो किसान, नौजवान, महिला तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को शासन की योजनाओं का लाभ सीधे प्राप्त होता है। यही व्यवस्था विश्वास का कारण बनती है। इससे लोकतंत्र पुष्ट एवं मजबूत होता है।

मुख्यमंत्री सोमवार को लोक भवन में उत्तर प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश में वृद्धि (90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुन्तल) करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के अन्तर्गत ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का शुभारम्भ किया। उन्होंनेे कहा कि पहली बार उचित दर विक्रेताओं के लिए मार्जिन मनी में 30 प्रतिशत की वृद्धि का कार्य केन्द्र और राज्य सरकार ने किया है। ग्राम पंचायत में बनने वाले अन्नपूर्णा भवन के संचालक के रूप में उन्हें जो उचित सम्मान प्राप्त होने जा रहा है, वह उचित दर विक्रेताओं के कार्यों, परिश्रम और प्रयासों का परिणाम है।

सीएम योगी ने कहा कि आज श्रावण मास का तीसरा सोमवार है। देवाधिदेव महादेव के प्रति हम सभी की श्रद्धा और उनकी उपासना इस बात के लिए प्रेरित करती है कि ‘शिवो भूत्वा शिवं यजेत’ अर्थात शिव की पूजा का मतलब शिव की तरह हो जाना, शिव में एकाकार हो जाना और उसमें लय हो जाना है। ईश्वर ने हमें दायित्व सौंपा है कि अपने कार्यों के माध्यम से समाज की सेवा करें। शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्री जब गरीब तक पहुंचती है, तो प्रसन्नता होती है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा निराश्रित, गरीब, जरुरतमन्द और दिव्यांगजन सहित सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। आज उचित दरविक्रेताओं को उनके कार्य के कारण सम्मान मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उचित दर विक्रेताओं को लोग शक की निगाहों से देखते थे। ‘कोटेदार’ शब्द से ही लोगों में चिढ़ होने लग गई थी। इसमें गलती उचित दर विक्रेताओं की नहीं थी। उस समय सत्ता में बैठे लोगों की नीयत में खोट और भ्रष्ट आचरण की आंच से उचित दर विक्रेता चाहकर भी अपने आपको बचा नहीं पाते थे। लूट किसी और की होती थी, लेकिन खामियाजा उचित दर विक्रेताओं को भुगतना पड़ता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का परसेप्शन ठीक हो और उचित दर विक्रेताओं के बारे में लोगों की धारणा बदले, इसी उद्देश्य से वर्ष 2017 में ई-पॉस मशीन लगानी प्रारम्भ की गई। एफ0सी0आई0 के गोदाम से सीधे कोटे की दुकान तक सिंगल डोर-स्टेप डिलीवरी के माध्यम से राशन पहुंचाने की कार्यवाही शुरू हुई। सरकार और उचित दर विक्रेता के बीच किसी मीडिएटर या बैरियर की व्यवस्था नहीं रखी गई। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई गई, जिससे उचित दर विक्रेताओं का सम्मान बढ़ा। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उचित दर विक्रेताओं की दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में निर्मित किया जा रहा है। इसके लिए इस वर्ष 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। अन्नपूर्णा भवन में दुकान के साथ वेयर हाउस की व्यवस्था भी होगी।

सीएम योगी ने कहा कि पहले उचित दर विक्रेता केवल राशन की बिक्री करते थे। अब वह 39 प्रकार के आइटम अपनी दुकान में बेच सकते हैं। समाज एवं देश पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली सामाग्री बेचने पर रोक है। कपड़े, साबुन, टूथपेस्ट, तेल सहित अन्य सामान उचित दर की दुकान से बेचे जा सकते हैं। उन्होंने उचित दर विक्रेताओं से कहा कि वह अपने यहां अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण की कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ाएं। राज्य सरकार समय से धनराशि का आवंटन करेगी। अच्छे भवन और वेयर हाउस बनाए जाएंगे। अन्नपूर्णा भवनों को तेजी के साथ आगे बढ़ाने से इसके और बेहतर परिणाम सामने आएंगे। राशन वितरण का कार्य एक सप्ताह से 10 दिन में पूरा किया जा सकता है। शेष समय में वेयर हाउस का अन्य कार्यों के लिए उपयोग किया जा सकता है। इससे अतिरिक्त आय भी अर्जित की जा सकती है।

स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने का प्रयास ग्राम पंचायत तथा स्वयं के स्तर से प्रारम्भ किया जा सकता है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना’ के उत्पादों को भी अन्नपूर्णा भवनों में रखा जा सकता है। होली, दीपावली और अन्य पर्व-त्योहारों पर स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने से स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे भारत की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। इन भवनों में नशीले पदार्थों और फायर सेफ्टी से जुड़े ज्वलनशील पदार्थों को छोड़कर अन्य मामलों में कोई रोक-टोक नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उचित दर विक्रेताओं को लाभांश के रूप में 70 रुपये प्रति कुन्तल मिलते थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 90 रुपये प्रति कुन्तल किया गया। अब भारत सरकार ने इस मार्जिन मनी को 10 रुपये तथा प्रदेश सरकार ने 25 रुपये बढ़ाने का कार्य किया है। अब उचित दर विक्रेताओं को लाभांश के रूप में कुल 125 रुपये प्रति कुन्तल प्राप्त होंगे। इस प्रकार कुल 35 रुपये की वृद्धि हो रही है। प्रदेश सरकार ने भारत सरकार से 25 रुपये और बढ़ाने के लिए भी अनुरोध किया है।

उन्होंने कहा कि सामान्यतः प्रत्येक उचित दर विक्रेता के यहां लगभग 100 कुन्तल राशन का आवंटन हो जाता है। पहले लगभग 90 रुपये प्रति कुन्तल के हिसाब से उन्हें भुगतान किया जाता था, जिससे लगभग 12,750 रुपये प्रतिमाह की आय होती थी। अब 125 रुपये प्रति कुन्तल के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। यदि कोई उचित दर विक्रेता 100 कुन्तल राशन वितरित करता है तो उसे केवल इसी मद से 16,250 रुपये प्राप्त होंगे। इसके अलावा दुकान पर अन्य सामान की बिक्री से होने वाला मुनाफा अलग होगा। अधिक बिक्री करने पर उचित दर विक्रेता अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।

कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, खाद्य एवं रसद, नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज पाण्डेय तथा खाद्य एवं रसद, नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री सतीश चन्द्र शर्मा ने भी सम्बोधित किया।

मुख्यमंत्री को इस लाभांश वृद्धि हेतु उत्तर प्रदेश सस्ता गल्ला परिषद के अध्यक्ष, ऑल इण्डिया फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोशिएशन, उपभोक्ता वेलफेयर एसोशिएशन के प्रतिनिधि तथा आदर्श उचित दर विक्रेता ने धन्यवाद पत्र सौंपा।  

कार्यक्रम में खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं तथा उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।

इस अवसर पर सांसद बृजलाल, विधान परिषद सदस्य डॉ0 लाल जी प्रसाद निर्मल, रामचन्द्र प्रधान, मुकेश शर्मा, विधायक नीरज बोरा, योगेश शुक्ला, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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