दिव्यांगजन को शिविरों के माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं - नरेन्द्र कश्यप
लखनऊ, संवाददाता। प्रदेश के दिव्यांगजन सशक्तिकरण व पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने आज अपने सरकारी कार्यालय में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में समस्त विभागीय योजनाओं की अद्यतन रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए मंत्री ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह को निर्देश दिये कि वह मण्डल एवं ज़िला स्तरीय अधिकारियों के साथ नियमित वर्चुली मीटिंग को सुनिश्चित करें साथ ही सरकार और दिव्यांगजन के मध्य संवादीनता को समाप्त किया जाए। उन्होनंे स्पष्ट किया कि विभाग में प्राप्त होने वाले दिव्यांगजनों के द्वारा प्रेषित आवेदन पत्र व प्रपत्र पर उचित कार्यवाही करते हुए उनके संज्ञान में भी लाया जाए और आवेदनकर्ता को भी की गयी कार्यवाही से अवगत कराया जाए।
राज्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण ने कहा कि उ0प्र0 सरकार ने मुज़फ्फरनगर में दिव्यांगजन के लिए समेकित विद्यालय निर्माण हेतु 24 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत की है। भूमि चिन्हांकन के सन्दर्भ में मंत्री ने मुज़फ्फरनगर के डीएम व एसडीएम से दूरभाष से माध्यम से वार्ता कर शीघ्र 05 एकड़ सरकारी भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए।
श्री कश्यप ने कहा कि प्रचार-प्रसार पर सरकार के द्वारा व्यय की जा रही धनराशि का फीड-बैक भी प्राप्त किया जाए ताकि हमारे संज्ञान में रहे कि किस मद में कितनी धनराशि व्यय की जा रही है और उसका सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो भी रहा है या नहीं। इस सन्दर्भ में उन्होंने कहा कि तकनीक के इस युग में सोशल मीडिया के लिए भी एक नियमावली तैयार की जाए। प्रचार-प्रसार के माध्यमों यथा फ्लैक्स, होर्डिंग, इलेक्ट्रानिक मीडिया व प्रिंट मीडिया तथा सोशल मीडिया पर व्यय की जाने वाली धनराशि का अनुपात का निर्धारण भी किया जाए।
मण्डल मुख्यालयों एवं ज़िला मुख्यालयों के साथ ही तहसील व ब्लाक स्तर पर स्थायी व अस्थायी होर्डिंग लगायी जाएं, जिस पर प्रदेश सरकार द्वारा योजनाओं के लाभार्थियों की सूचना एवं उपलब्धियाँ व सफलता की कहानी प्रदर्शित हो ताकि पब्लिक डोमेन में सरकार के प्रति सकारात्मक संदेश प्रेषित हो। उन्होंने दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह को निर्देश दिए कि वह नियमित 15-20 दिन के अन्तराल पर मण्डल, ज़िला, तहसील एवं ब्लाक स्तर पर शिविरों का आयोजन कर दिव्यांगजनों को सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
मंत्री ने बताया कि दिव्यांग पेंशन योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में दिव्यांग पेंशन योजना के लिए ₹1,47004.69 लाख का बजट प्राविधान किया गया है। योजना के अंतर्गत अब तक 10,44,022 लाभार्थियों को पेंशन का प्रेषण करते हुए ₹31210.57 लाख की धनराशि व्यय की जा चुकी है। यह बजट प्राविधान का लगभग 21.23 प्रतिशत है। उन्होंने 80 प्रतिशत दिव्यांगता वाले वृद्ध दिव्यांगजन जिनकी आयु 80 से अधिक है को प्राथमिकता के आधार पर ससमय पेंशन उपलब्ध कराने पर विशेष बल देते हुए कहा कि दिव्यांगता और बुढ़ापे के कारण पेंशन ही उनका एक मात्र सहारा है। अतः इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता नहीं होनी चाहिए।
श्री कश्यप ने कहा कि दिव्यांगजनों को आवागमन में सुविधा उपलब्ध कराने और उनकी गतिशीलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल योजना के अंतर्गत प्रत्येक जनपद में 15 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, अर्थात प्रदेश के सभी 75 जनपदों के लिए कुल 1,125 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का भौतिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के लिए ₹3 करोड़ का प्राविधान किया गया है। एलिम्को, कानपुर नगर द्वारा दिनांक 16 अगस्त 2026 तक प्रदेश के सभी 75 जनपदों में चिन्हांकन शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। आगामी चरण में चिन्हित पात्र दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जाएगी।
समीक्षा बैठक में दिव्यांगजन सशक्तिकरण के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिहं, संयुक्त निदेशक अमित सिंह व रणजीत सिंह के अतिरिक्त अन्य उच्चाधिकारीगण उपस्थित रहें।
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