डीएम ने चिकित्सालयों से लेकर विद्यालयों तक भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
अलीगढ़, संवाददाता। जिले में मरीजों, बच्चों एवं प्रशिक्षणार्थियों को उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता एवं सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चिकित्सालयों, प्रशिक्षण केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों में निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, स्वच्छ एवं सुरक्षित भोजन ही उपलब्ध कराया जाए। भोजन की गुणवत्ता में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला चिकित्सालय के भोजन से संबंधित प्रकरण में मुख्य चिकित्सा अधिकारी से आख्या तलब किए जाने के बाद सामने आई रिपोर्ट में बताया गया कि चिकित्सालय के रसोईघर से पूर्व में लिए गए खाद्य नमूने जांच में असुरक्षित पाए गए थे। प्रकरण में तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित सेवा प्रदाता की सेवाएं बंद कराई गईं और मरीजों को भोजन की आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इसके बाद मरीजों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए नए सेवा प्रदाता को कार्यादेश भी जारी कर दिया गया।
जिलाधिकारी ने इस कार्रवाई के साथ ही पूरे जिले में खाद्य गुणवत्ता की निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को चिकित्सालयों के साथ-साथ प्रशिक्षण केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में भी समय-समय पर खाद्य पदार्थों एवं तैयार भोजन की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने को कहा है।
उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी भोजन तैयार अथवा वितरित किया जाता है, वहां कच्चे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, भोजन तैयार करने की स्वच्छता, रसोईघर की साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के सुरक्षित रख-रखाव और भोजन की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाए। आवश्यकतानुसार खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी जांच भी कराई जाए, ताकि किसी भी स्तर पर मानकों से समझौता न हो।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि यदि किसी चिकित्सालय, विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र अथवा प्रशिक्षण केंद्र में भोजन की गुणवत्ता को लेकर कोई शिकायत प्राप्त होती है तो उसका तत्काल संज्ञान लेकर मौके पर जांच कराई जाए। शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित सेवा प्रदाता अथवा जिम्मेदार व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में भर्ती मरीज, विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चे एवं प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागी संस्थानों की व्यवस्था पर भरोसा करते हैं। ऐसे में उन्हें उपलब्ध कराया जाने वाला भोजन केवल पेट भरने का माध्यम नहीं, बल्कि उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा से सीधे जुड़ा विषय है। इसलिए भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद्य सुरक्षा की जांच केवल शिकायत मिलने पर ही नहीं, बल्कि नियमित एवं प्रभावी निगरानी के रूप में की जाए, जिससे किसी भी संभावित समस्या की समय रहते पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता प्रत्येक लाभार्थी को सुरक्षित, स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही उन्होंने भोजन बनाए जाने वाले उपकरणों, बर्तनों एवं स्थान पर विशेष स्वच्छता अपनाए जाने के भी निर्देश दिए हैं।
What's Your Reaction?