वडनगर से वाराणसी यात्रा का जनपद में विभिन्न स्थलों पर हुआ शानदार स्वागत
आजमगढ़ (संवाददाता)। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत वडनगर (गुजरात) से वाराणसी तक जल, जन एवं सेवा संकल्प को समर्पित यात्रा का जनपद आजमगढ़ में लोकसभा क्षेत्र आजमगढ़ एवं लालगंज तथा विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के निर्धारित स्थलों पर जिला प्रशासन के साथ-साथ जिलाध्यक्ष आजमगढ़ ध्रुव कुमार सिंह, जिलाध्यक्ष लालगंज विनोद राजभर के नेतृत्व में भव्य स्वागत किया गया। यात्रा के दौरान जनसंपर्क, स्वच्छता, वृक्षारोपण, मंदिरों में दर्शन-पूजन, लाभार्थियों से संपर्क, स्वास्थ्य परीक्षण, फल वितरण, चौपाल एवं यात्रा अनुभव साझा करने सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
यात्रा का प्रमुख उद्देश्य पवित्र जल के आदान-प्रदान के माध्यम से प्रधानमंत्री की जन्मभूमि व कर्मभूमि को जोड़ना तथा मार्ग में पड़ने वाले गांवों एवं शहरों में सेवा, विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर सहज संवाद स्थापित करना है। यात्रा के अंतर्गत वाराणसी से 250 बाइक एवं 500 यात्री गंगाजल लेकर वडनगर गए तथा वडनगर से काशी लौट रहे हैं। प्रत्येक टोली के साथ आधुनिक एलईडी वाहन, प्रचार सामग्री एवं संवाद टीम भी रही। यात्रा के दौरान गुजरात की पवित्र नदियों एवं शर्मिष्ठा तालाब के जल से काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक तथा काशी के गंगाजल से वडनगर स्थित हाटकेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया जाएगा। मार्ग में ग्रामीण एवं शहरी पड़ावों पर जनसंवाद तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत वडनगर से वाराणसी यात्रा के जनपद आजमगढ़ से गुजरने के दौरान 05 अक्टूबर को विभिन्न निर्धारित स्थलों पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए।
यात्रा के रूट-5 के अंतर्गत लोकसभा क्षेत्र लालगंज में फूलपुर नगर के जगदीशपुर में यात्रा का ठहराव हुआ। यहां फूलपुर नगर का भ्रमण, वृक्षारोपण तथा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क किया गया। इसके उपरांत विकासखंड लालगंज की ग्राम पंचायत गोमाडीह में संध्या भजन-कीर्तन एवं रात्रि विश्राम का कार्यक्रम आयोजित किया गया। 06 अक्टूबर को विकासखंड लालगंज के मसीरपुर में प्रातः रामजानकी मंदिर की साफ-सफाई, वृक्षारोपण एवं लाभार्थियों से संपर्क का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
यात्रा के रूट-7 के अंतर्गत 05 अक्टूबर को निजामाबाद में दुर्वासा ऋषि स्थल पर दर्शन-पूजन, जलपान एवं वृक्षारोपण किया गया। इसके पश्चात निजामाबाद मार्केट में संध्या भजन-कीर्तन एवं रात्रि विश्राम हुआ। यात्रा के दौरान शीतला माता मंदिर की साफ-सफाई, ओडीओपी ब्लैक पॉटरी निर्माण स्थल का भ्रमण तथा गुरुद्वारा साहिब में दर्शन सहित विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से सेवा, स्वच्छता, स्थानीय विरासत एवं जनभागीदारी का संदेश दिया गया।
रूट-10 के अंतर्गत डाक बंगला अतरौलिया में यात्रा का ठहराव हुआ। यहां कैलाश्वर धाम (कैली) में दर्शन-पूजन, वृक्षारोपण तथा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क किया गया। स्थानीय लोगों के साथ संवाद करते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभाव एवं सेवा गतिविधियों की जानकारी भी साझा की गई।
रूट-10 के माध्यम से लोकसभा क्षेत्र आजमगढ़ में भी यात्रा के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। 05 अक्टूबर को यात्रा तरही डिग्री कॉलेज, कप्तानगंज पहुंची, जहां वृक्षारोपण एवं ठहराव कार्यक्रम हुआ। इसके पश्चात यात्रा कंधरापुर बाजार होते हुए भंवरनाथ मंदिर पहुंची, जहां बाबा भंवरनाथ के दर्शन-पूजन किए गए। इसके बाद यात्रा का भाजपा जिला कार्यालय में कार्यक्रम हुआ तथा तत्पश्चात श्रीमन मंगलम मैरिज हॉल, सिधारी में यात्रा का ठहराव हुआ।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि 06 अक्टूबर को प्रातः यात्रा द्वारा श्री दुर्गा जी डिग्री कॉलेज, चंडेश्वर में स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज, आजमगढ़ में सेवा यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण तथा मरीजों में फल वितरण किया जाएगा। इसके उपरांत विकासखंड ठेकमा की ग्राम पंचायत नरेहथा में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क किया जाएगा। यात्रा के क्रम में विकासखंड तरवां स्थित आरपीएम मैरिज हॉल में चौपाल एवं यात्रा अनुभव साझा करने का कार्यक्रम होगा। इसके पश्चात विकासखंड तरवां के मेहनाजपुर बाजार स्थित प्राचीन शिव मंदिर, मेहनाजपुर में पूजन-अर्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम के लिए यात्रा का ठहराव होगा।
उन्होंने बताया कि यह यात्रा केवल पवित्र जल के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा, जनभागीदारी, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी तथा गांव-गांव संवाद के माध्यम से सेवा संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।
यात्रा को सफल बनाने में संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, बीडीओ, अधिशासी अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों की महती भूमिका रही।
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