उत्तर प्रदेश विधान परिषद समिति की सख्ती : विकास कार्यों में लापरवाही पर अधिकारियों को चेतावनी

Mar 16, 2026 - 21:34
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उत्तर प्रदेश विधान परिषद समिति की सख्ती : विकास कार्यों में लापरवाही पर अधिकारियों को चेतावनी

अलीगढ़, संवाददाता। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की “विकास प्राधिकरणों, जिला पंचायत, आवास विकास परिषद एवं नगरीय निकायों में व्याप्त अनियमितताओं पर नियंत्रण एवं जांच” संबंधी समिति की महत्वपूर्ण बैठक कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। 

बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति सदस्य विधान परिषद कुंवर महाराज सिंह ने की। समिति में सदस्य विधान परिषद डा0 जयपाल सिंह व्यस्त, विजय बहादुर पाठक, पवन कुमार सिंह, चौ0 ऋषिपाल सिंह, डा0 तारिक मंसूर, अध्यक्ष जिला पंचायत विजय सिंह, जिला महामंत्री शिवनारायण शर्मा सहित अन्य माननीय सदस्य उपस्थित रहे।

सभापति ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे समितियों की बैठकों में पूर्ण तैयारी, अद्यतन सूचनाओं एवं तथ्यात्मक विवरण के साथ उपस्थित हों। भ्रामक सूचना प्रस्तुत करना सदन की गरिमा के विपरीत है। एटा एवं कासगंज के जिलाधिकारियों की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए गए कि एटा के अधिकारी जिलाधिकारी के साथ मथुरा में और कासगंज के अधिकारी आगरा में आयोजित बैठकों में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग सुनिश्चित करें। सभापति ने आवश्यक सेवाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि घरेलू गैस की आपूर्ति सुचारु रखी जाए और कालाबाजारी न होने दी जाए।

विद्युत प्रीपेड कनेक्शनों की आपूर्ति बाधित न हो। उपभोक्ताओं को बढ़े हुए विद्युत बिलों की समस्या से राहत दिलाने हेतु विद्युत विभाग एवं जिला प्रशासन समन्वित कार्यवाही करें। विकास एवं स्थानीय निकायों की समीक्षा में सभापति ने निर्देश दिए कि जिला पंचायत एवं निकायों की रिक्त पड़ी भूमि का योजनाबद्ध उपयोग कर राजस्व वृद्धि के प्रभावी उपाय किए जाएं।

जिला पंचायत की समीक्षा में अपर मुख्य अधिकारी हाथरस द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में 390 पक्की सड़कें निर्मित हैं, जिनकी स्थिति संतोषजनक है। जबकि हाथरस से प्रस्तुत आख्या पर समिति ने असंतोष व्यक्त करते हुए अभिलेखों को अद्यतन एवं तथ्यपरक बनाने के निर्देश दिए। नगरीय निकायों की समीक्षा के दौरान एडीएम ने संचारी रोग नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी दी। 

समिति सदस्यों ने निर्देशित किया कि विकास कार्यों की सूचना स्थानीय जनप्रतिनिधियों को समय से उपलब्ध कराई जाए, जिससे उनके सुझावों से विकास कार्यों में और तेजी लाई जा सके। समिति द्वारा जल निकासी व्यवस्था, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, गौशालाओं की स्थिति एवं जलभराव की समस्याओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता सूरजपाल सिंह ने अवगत कराया कि हाथरस में वर्ष 1986 में प्रारंभ की गई 22.795 हेक्टेयर क्षेत्रफल की आवासीय योजना में से 18.565 हेक्टेयर भूमि पर विकास कार्य पूर्ण कर वर्ष 2022 में नगरपालिका हाथरस को हस्तांतरित किया जा चुका है। शेष भूमि से संबंधित प्रकरण मा0 उच्च न्यायालय में लंबित है। 

समिति ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री द्वारा लागू नवीन हाउसिंग पॉलिसी के अंतर्गत उपलब्ध कराई गई सुविधाओं के दृष्टिगत लंबित प्रकरणों का शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण कराया जाए। लगभग चार दशकों तक न्यायालय में मामलों का लंबित रहना जनहित में उचित नहीं है। सभापति ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नवीन एवं बड़ी आवासीय योजनाओं का प्रस्ताव तैयार किया जाए। योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सक्रिय सहयोग लिया जाए। सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

बैठक के अंत में एडीएम बसंत अग्रवाल ने सभापति एवं समिति के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। हाथरस में आयोजित बैठक का संचालन एडीएम प्रशासन डॉ. बसंत अग्रवाल द्वारा किया गया।

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