मिशन शक्ति फेज-5.0: जिलाधिकारी ने छात्राओं को दिखाया कैरियर निर्माण का मार्ग, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की दी जानकारी
हमीरपुर (संवाददाता)। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन तथा सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से संचालित मिशन शक्ति फेज-5.0 के द्वितीय चरण के अंतर्गत गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाज कल्याण विभाग, उच्च शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के समन्वय से आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी अशोक कुमार ने छात्राओं से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, उच्च शिक्षा, कैरियर निर्माण और महिला सशक्तिकरण के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में राजकीय महिला महाविद्यालय, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुछेछा तथा अभ्युदय कोचिंग से जुड़ी छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मार्गदर्शन एवं कोचिंग संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अंतर्गत संघ लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग तथा विभिन्न भर्ती बोर्डों की परीक्षाओं के साथ जेईई मेन, नीट, एनडीए, सीडीएस, बैंकिंग, एसएससी, बीएड एवं टीईटी जैसी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में जानकारी दी गई।
उन्होंने छात्राओं को योजना के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं, पंजीकरण प्रक्रिया, परीक्षा के पाठ्यक्रम तथा तैयारी की प्रभावी रणनीति के बारे में जानकारी प्राप्त कर अपने लक्ष्य के अनुरूप तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन, नियमित अध्ययन और दृढ़ संकल्प के माध्यम से विद्यार्थी अपने भविष्य को नई दिशा दे सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान राजकीय महाविद्यालय की छात्राओं काव्या यादव, शालू निषाद, यशिका सचान, सौम्या सिंह, आस्था चौरसिया, खुशी एवं प्रांशी ने विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं व्यक्त कीं। अभ्युदय कोचिंग की छात्रा काजल तथा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुछेछा की छात्राओं पारुल देवी, अनामिका, हिमांशी आदि ने भी जिलाधिकारी के समक्ष अपने प्रश्न रखे। छात्राओं ने उच्च शिक्षा, आर्थिक कठिनाइयों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, मानसिक तनाव तथा खेलकूद के अवसरों सहित विभिन्न विषयों पर जानकारी चाही। जिलाधिकारी ने उनकी जिज्ञासाओं को गंभीरता से सुनते हुए समुचित उत्तर दिए तथा संबंधित विषयों पर व्यावहारिक सुझाव प्रदान किए।
जिलाधिकारी ने छात्राओं को पात्रता के अनुसार छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति जैसी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण छात्राओं की शिक्षा बाधित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए शासन द्वारा संचालित योजनाओं तथा संबंधित विभागों से उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है।
मानसिक तनाव एवं परीक्षा संबंधी चिंता के विषय में उन्होंने छात्राओं को अपनी समस्याएं अभिभावकों, शिक्षकों अथवा भरोसेमंद व्यक्तियों के साथ साझा करने की सलाह दी। महिला सुरक्षा के संबंध में वीमेन पावर लाइन 1090 एवं महिला हेल्पलाइन 181 की जानकारी भी दी गई। खेलकूद में रुचि रखने वाली छात्राओं को अपनी प्रतिभा विकसित करने तथा संबंधित विभागों के माध्यम से उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि बेटियां अपनी क्षमताओं को पहचानें और शिक्षा एवं कैरियर के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें। सफलता के लिए निरंतर परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास आवश्यक हैं। उन्होंने समाज में व्याप्त रूढ़िवादी धारणाओं को समाप्त करने तथा महिलाओं एवं बालिकाओं को समान अवसर प्रदान करने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें पुरुषों, अभिभावकों, शिक्षकों और पूरे समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। परिवार और समाज का सकारात्मक सहयोग मिलने से बेटियां प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं से शासन की योजनाओं एवं उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाते हुए अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण अधिकारी हिमांशु अग्रवाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी राजीव सिंह, जिला सूचना अधिकारी सतीश कुमार, राजकीय महिला महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सबा कौसर, सहायक प्रोफेसर डॉ. शालिनी, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुछेछा की प्रोफेसर डॉ. शिल्पी राय, महिला सशक्तिकरण केंद्र की जिला समन्वयक शशि तिवारी तथा बाल संरक्षण इकाई की पीओ दीप्ति अग्निहोत्री सहित महिला कल्याण विभाग की अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में राजकीय महिला महाविद्यालय, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुछेछा तथा मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत कोचिंग से जुड़ी छात्राओं ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया।
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