लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए हर पात्र नागरिक का मतदाता सूची में पंजीकरण जरूरी - जिला निर्वाचन अधिकारी
अलीगढ़ (संवाददाता)। लोकतंत्र की मजबूती प्रत्येक पात्र नागरिक की सक्रिय भागीदारी से सुनिश्चित होती है। इसी उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन, समावेशी एवं त्रुटिरहित बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश कुमार ने जिले के सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत फार्म-6 भरकर अपना पंजीकरण अवश्य कराएं। विशेष रूप से 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवाओं को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आगे आना चाहिए।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक मतदाता की भागीदारी महत्वपूर्ण है। मतदाता सूची में नाम दर्ज होना मतदान करने की पहली और अनिवार्य शर्त है। इसलिए कोई भी पात्र नागरिक पंजीकरण से वंचित न रहे, इसके लिए निर्वाचन आयोग द्वारा ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदक का भारतीय नागरिक होना, संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में सामान्य रूप से निवास करना तथा निर्धारित अर्हता तिथि पर 18 वर्ष की आयु पूर्ण करना आवश्यक है। निर्वाचन आयोग द्वारा वर्ष में चार अर्हता तिथियां निर्धारित की गई हैं, जो 01 जनवरी, 01 अप्रैल, 01 जुलाई एवं 01 अक्टूबर हैं।
पात्र नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल https://voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन फार्म-6 भर सकते हैं। इसके अतिरिक्त वोटर हेल्पलाइन मोबाइल ऐप के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है। जो नागरिक ऑनलाइन आवेदन करने में सक्षम नहीं हैं, वे अपने क्षेत्र के बीएलओ अथवा सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय से फार्म-6 प्राप्त कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा कर सकते हैं।
फार्म-6 के साथ हाल का पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो, आयु प्रमाण एवं निवास प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। आयु प्रमाण के लिए आधार कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस अथवा जन्मतिथि अंकित कक्षा 10वीं या 12वीं की अंकतालिका लगाई जा सकती है। इसी प्रकार निवास प्रमाण के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट, बिजली-पानी या गैस कनेक्शन का बिल, बैंक अथवा डाकघर की पासबुक, भूमि स्वामित्व अभिलेख, किसान बही, पंजीकृत किरायानामा अथवा मकान की रजिस्ट्री में से निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आधार संख्या उपलब्ध कराना स्वैच्छिक है। आधार संख्या नहीं होने पर भी पात्र नागरिक मतदाता पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। केवल आधार कार्ड होना मतदाता पहचान पत्र जारी होने का आधार नहीं है, बल्कि इसके लिए निर्धारित पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने जनपदवासियों से आह्वान किया कि वे स्वयं अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के साथ ही अपने परिवार, आसपास के युवाओं एवं अन्य पात्र नागरिकों को भी इसके लिए प्रेरित करें। लोकतंत्र तभी अधिक सशक्त और सहभागी बनेगा, जब प्रत्येक पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होकर अपने मताधिकार के प्रति जागरूक होगा।
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