डीएम ने वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ मनाई दिवाली
आजमगढ़ (संवाददाता)। दीपावली का पर्व खुशियों, प्रेम, सद्भाव, सेवा और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। त्योहारों की खुशियां समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचें और कोई भी व्यक्ति स्वयं को अकेला या उपेक्षित महसूस न करे, इसी संवेदनशील एवं मानवीय भावना के साथ जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने शनिवार को वृद्धाश्रम फरिहा में निवास कर रहे वृद्धजनों के साथ दीपावली का पर्व आत्मीयता एवं हर्षाेल्लास के साथ मनाया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों से आत्मीय संवाद किया तथा उनके बीच समय बिताकर दीपावली की खुशियां साझा कीं। जिलाधिकारी ने सभी वृद्धजनों को मिष्ठान, फल, दीया, मोमबत्ती एवं कंबल, गर्म ऊनी टोपी भेंट किए तथा उन्हें दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, सुखमय एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। जिलाधिकारी के इस आत्मीय व्यवहार से वृद्धजनों के चेहरे पर प्रसन्नता एवं अपनत्व का भाव देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने वृद्धजनों का कुशलक्षेम जाना तथा उनसे बातचीत कर उनके अनुभवों एवं आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने वृद्धाश्रम में उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं का भी जायजा लिया। इस दौरान वृद्धजनों के रहन-सहन, खानपान, स्वास्थ्य देखभाल, साफ-सफाई एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वृद्धजनों की देखभाल एवं सुविधाओं के प्रति संवेदनशीलता और तत्परता बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बुजुर्ग हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव, मार्गदर्शन और जीवन के प्रति दृष्टिकोण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। बुजुर्गों का सम्मान करना, उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखना और उन्हें सम्मानजनक एवं खुशहाल जीवन उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। त्योहारों की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब हम अपनी खुशियों को जरूरतमंदों एवं समाज के ऐसे लोगों के साथ साझा करें, जिन्हें स्नेह, सम्मान और अपनत्व की विशेष आवश्यकता है।
जिलाधिकारी की इस पहल ने सामाजिक संवेदनशीलता, मानवीय मूल्यों एवं बुजुर्गों के प्रति सम्मान का सकारात्मक संदेश दिया। वृद्धाश्रम में वृद्धजनों के साथ दीपावली मनाने का यह प्रयास न केवल उनके जीवन में खुशियों के कुछ विशेष पल जोड़ने वाला रहा, बल्कि समाज को यह प्रेरणा भी देता है कि त्योहारों की खुशियां तभी पूर्ण होती हैं, जब उनका प्रकाश हर व्यक्ति के जीवन तक पहुंचे।
इस अवसर पर जॉइंट मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ सिद्धार्थ, जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार, नायब तहसीलदार, वृद्धाश्रम के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
What's Your Reaction?