कर्नलगंज में वन माफियाओं का कहर: भंभुआ में बिना परमिट 6 हरे पेड़ काटे, पुलिस-वन विभाग पर मिलीभगत का आरोप
गोण्डा, संवाददाता। कर्नलगंज कोतवाली क्षेत्र के भंभुआ चौकी अंतर्गत भंभुआ गांव में वन माफियाओं और स्थानीय जिम्मेदारों की मिलीभगत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां वन माफियाओं ने पर्यावरण अधिनियम की धज्जियां उड़ा दीं। बिना किसी वन विभागीय परमिट के 3 हरे आम और 3 कटहल समेत 6 हरे-भरे पेड़ों को काट डाला गया। दिनदहाड़े हुई इस अवैध कटान के बावजूद बगल में मौजूद भंभुआ चौकी पुलिस और वन विभाग मौन साधे रहे, जिससे मिलीभगत के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
ज्ञात हो कि हरे आम के पेड़ का कटान प्रतिबंधित है। बिना डीएफओ की अनुमति के इसे काटना वन अपराध की श्रेणी में आता है। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि चौकी के बगल में दिनदहाड़े पेड़ कटते रहे, लेकिन पुलिस और वन विभाग के जिम्मेदारों ने आंखें मूंद ली। इससे साफ है कि बिना मिलीभगत के इतना बड़ा अवैध कटान संभव नहीं है। ग्रामीणों ने परमिट की जांच, लकड़ी की जब्ती और वन माफिया के साथ-साथ लापरवाह पुलिस व वन कर्मियों पर भी वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते परमिट की जांच कर लकड़ी जब्त नहीं की गई और वन माफिया व लापरवाह कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई नहीं हुई, तो क्षेत्र में हरे पेड़ों का कटान रुकना मुश्किल है।
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