सीएम योगी ने वाराणसी में ‘स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह’ में स्वच्छता मित्रों को किया सम्मानित
वाराणसी (संवाददाता)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से देश में स्वच्छ भारत अभियान ने सफलता की नई ऊंचाइयाँ प्राप्त करते हुए दुनिया के सामने स्वच्छता एवं जनभागीदारी का उदाहरण प्रस्तुत किया है। स्वच्छ भारत अभियान से पहले गांवों और गलियों में गन्दगी की स्थिति रहती थी तथा झाड़ू लगाकर सफाई करने वाले लोगों को अपेक्षित सम्मान नहीं मिलता था। अब स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने और स्वच्छता कर्मियों के योगदान को सम्मान देने की आवश्यकता को व्यापक रूप से स्वीकार किया गया है। प्रधानमंत्री जी के स्वच्छ भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रत्येक नागरिक, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
मुख्यमंत्री गुरूवार को ‘स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह’ में मुख्य अतिथि के तौर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वच्छता मित्रों को सम्मानित करते हुए उन पर पुष्प वर्षा की तथा उन्हें भोजन परोसा। कार्यक्रम में 600 से अधिक स्वच्छता मित्रों को सम्मानित किया गया, जिनमें से मुख्यमंत्री जी ने 11 स्वच्छता कर्मियों को मंच पर सम्मानित किया।
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वच्छता कर्मियों के मानदेय में कटौती पर सख्ती से रोक लगाने का निर्णय लिया है। किसी भी स्वच्छता कर्मी का मानदेय काटने वाले के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्वच्छता कर्मियों के हितों की रक्षा के लिए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि स्वच्छता कर्मियों के लिए न्यूनतम 16,000 रुपये मानदेय सुनिश्चित किया गया है। उन्हें ई0एस0आई0 के अन्तर्गत उपचार के लिए अस्पताल की सुविधा मिलेगी और सुरक्षा बीमा का कवर भी प्रदान किया जाएगा। किसी दुर्घटना अथवा दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु की स्थिति में उनके परिवार को आर्थिक सहायता प्राप्त हो सकेगी। इसके साथ ही उनके पी0एफ0 की व्यवस्था भी की गई है, जिससे भविष्य के लिए उनकी अपनी बचत तैयार हो सके।
उन्होंने कहा कि 60 से 65 वर्ष की आयु में कार्य करने में सक्षम न रहने की स्थिति में स्वच्छता कर्मियों के पास अपनी पूंजी होनी चाहिए, ताकि वे केवल अपने बच्चों पर आश्रित न रहें और अपने उपचार, दवा, भोजन तथा अन्य आवश्यकताओं का खर्च स्वयं उठा सकें। सरकार इन व्यवस्थाओं के माध्यम से स्वच्छता कर्मियों के जीवन को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि विभिन्न नगर निगमों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, तो स्वच्छता मित्रों का सम्मान अवश्य किया जाए, क्योंकि वह प्रतिकूल परिस्थितियों में भी सबसे पहले काम पर पहुंचकर दूसरों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराते हैं। उनका सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके परिश्रम के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं को समाज के अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने की भावना को मजबूती मिली है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और नेतृत्व में काशी का व्यापक कायाकल्प हुआ है। आज काशी अपनी नई आभा, नई काया और नए स्वरूप के साथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए आगे बढ़ रही है। काशी में आए परिवर्तन को बनाए रखना और उसे आगे बढ़ाना जनता तथा जनप्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
प्रधानमंत्री काशी के लोकप्रिय सांसद होने के साथ देश के प्रधानमंत्री हैं। उनकी प्रेरणा से वाराणसी दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में विधायक डॉ0 नीलकण्ठ तिवारी द्वारा लगातार चौथे वर्ष वार्ड प्रवास एवं स्वच्छता अभियान संचालित किया गया। इस अभियान के माध्यम से जनप्रतिनिधि ने अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनने, प्रत्येक वार्ड में पहुंचकर नागरिकों की समस्याएं सुनने तथा उनके समाधान के लिए सम्बन्धित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार स्वच्छता कर्मियों के हितों की रक्षा और उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्हें सम्मान देना और उनके परिश्रम को पहचानना हम सभी का दायित्व है। स्वच्छता कर्मी अपने परिवार और बच्चों को छोड़कर उस समय काम पर निकलते हैं, जब अधिकांश लोग सो रहे होते हैं। वे सर्दी, गर्मी, बरसात, आंधी-तूफान और पर्व-त्योहारों के दौरान भी सड़कों तथा मोहल्लों की सफाई करते हैं। उनके परिश्रम से ही लोगों को स्वच्छ वातावरण मिलता है और सार्वजनिक जीवन सुचारु रूप से चल पाता है। स्वच्छता कर्मी किसी भव्य इमारत की नींव के पत्थर की तरह हैं। नींव का पत्थर दिखाई नहीं देता, लेकिन पूरी इमारत उसी पर आधारित होती है। इसी प्रकार स्वच्छता कर्मियों के योगदान के बिना स्वच्छ शहर और स्वस्थ समाज की कल्पना नहीं की जा सकती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व केवल विकास कार्य कराना ही नहीं, बल्कि जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझना, उनका समाधान कराना, सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमन्दों तक पहुंचाना और सार्वजनिक सम्पत्तियों का संरक्षण सुनिश्चित करना भी है।
सरकार बड़े-बड़े निर्माण कार्य करा सकती है, लेकिन उन निर्माणों की सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी जनता तथा जागरूक समाज की होती है। जनता जागरूक न हो तो बड़े से बड़े निर्माण को भी नष्ट होने में देर नहीं लगती। सरकारी सम्पत्तियां जनता के हित में बनाई जाती हैं, इसलिए उनकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। यदि किसी सड़क, गली या निर्माण में टूट-फूट हो जाए तो समय पर मरम्मत कराने से उसकी उपयोगिता और आयु बढ़ती है तथा नागरिकों को सुविधा मिलती है। सार्वजनिक सम्पत्तियों के संरक्षण के प्रति नागरिकों में जिम्मेदारी का भाव होना चाहिए।
19 जुलाई से 02 अक्टूबर तक चलने वाला 76 दिवसीय वार्ड प्रवास कार्यक्रम स्वच्छता, जनजागरूकता और जनसंवाद की दिशा में एक अभिनव प्रयास है। बरसात के मौसम में जलभराव को लम्बे समय तक नहीं रहने देना, नियमित सफाई करना और लोगों को जागरूक रखना आवश्यक है। इससे डेंगू, कालाजार, मलेरिया और इन्सेफेलाइटिस जैसी बीमारियों के प्रसार को रोकने में मदद मिलती है। इसके लिए निरंतर जागरूकता और सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। सभी विधानसभा क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों द्वारा इसी प्रकार जागरूकता के साथ कार्य किये जाने से विकास कार्यों के प्रति लोगों की सहभागिता बढ़ेगी।
सीएम योगी ने कहा कि जनप्रतिनिधि का तन्त्र प्रशासनिक तंत्र से भी अधिक व्यापक हो सकता है। बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं और अन्य पदाधिकारियों के माध्यम से प्रत्येक घर तक पहुंच बनाई जा सकती है। लोकप्रिय जनप्रतिनिधि वही है जिसकी पहुंच प्रत्येक घर तक हो और जो लोगों के सुख-दुख में सहभागी बने। जनप्रतिनिधियों को शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं के शिविर लगाकर जरूरतमन्दों को योजनाओं से जोड़ना चाहिए। कई बार निराश्रित महिलाओं, वृद्धजनों और गरीब परिवारों को पेंशन, राशन कार्ड, आवास तथा अन्य सुविधाओं की पात्रता होने के बावजूद योजनाओं की जानकारी नहीं होती। ऐसे में जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे लोगों को जागरूक करें और योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वार्ड प्रवास के दौरान आयोजित शिविरों में पात्र लाभार्थियों को पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, पी0एम0 स्वनिधि, पी0एम0 विश्वकर्मा, श्रम योजनाओं और स्वच्छ भारत मिशन सहित विभिन्न योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया। स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण शिविरों के माध्यम से भी लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। बिना जाति, मत, सम्प्रदाय, भाषा और क्षेत्र का भेदभाव किए प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए। यही सबका साथ, सबका विकास की भावना है। इसी भाव को आगे बढ़ाते हुए वार्ड प्रवास अभियान को जनकल्याण का माध्यम बनाया गया।
प्रशासन के प्रत्येक विभाग की अपनी सीमाएं हैं, लेकिन जनप्रतिनिधि जनता और प्रशासन के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर सकते हैं। नगर निगम, विकास प्राधिकरण, स्थानीय प्रशासन, शासन के विभिन्न विभाग और स्वास्थ्य विभाग इस प्रकार के अभियानों में सहभागी बन सकते हैं। आवश्यकता ऐसे नेतृत्व की है जो कार्य कराने के लिए स्वयं पहल करे और सभी को साथ लेकर चले। समस्याओं का समाधान संवाद से होता है। जनता, जनप्रतिनिधि और प्रशासन के बीच सकारात्मक संवाद होना चाहिए। केवल शिकायत करने के बजाय समस्याओं के समाधान के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। वार्ड प्रवास अभियान इसका उदाहरण है कि निरन्तर जनसम्पर्क और विभागीय समन्वय से स्थानीय समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि मनुष्य प्रकृति से बहुत कुछ प्राप्त करता है, इसलिए प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना भी जरूरी है। स्वच्छता अभियान के साथ वृक्षारोपण इसी कृतज्ञता का माध्यम है। केवल कंक्रीट के जंगल खड़े करने से शुद्ध पर्यावरण सुनिश्चित नहीं किया जा सकता। इसके लिए प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सामूहिक जिम्मेदारी का भाव आवश्यक है। वार्ड प्रवास अभियान के दौरान वृक्षारोपण के साथ नागरिकों को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। इसकी सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक सम्पत्तियों की सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता को एक साथ आगे बढ़ाना समय की आवश्यकता है।
प्रदेश में माफियाराज के प्रभाव को समाप्त कर गरीबों, वंचितों और दलितों के हितों की रक्षा की जा रही है। प्रयागराज में माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों, वंचितों और दलितों के लिए बहुमंजिला इमारतों का निर्माण कराया जाएगा। कब्जे वाली जमीन का उपयोग गरीबों के हित में किया जाएगा।
विधायक डॉ0 नीलकण्ठ तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में वाराणसी दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में लगातार चौथे वर्ष वार्ड प्रवास एवं स्वच्छता अभियान संचालित किया गया। आजादी के अमृत महोत्सव काल से प्रारम्भ इस पहल के अन्तर्गत पूर्व वर्षों में 75 दिवसीय वार्ड प्रवास कार्यक्रम आयोजित किया जाता था, जबकि इस वर्ष 76 दिवसीय कार्यक्रम चलाया गया। यह अभियान 19 जुलाई से प्रारम्भ होकर प्रधानमंत्री के जन्मदिवस प0 दीनदयाल उपाध्याय और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयन्ती तक चला।
कार्यक्रम में आयुष राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) डॉ0 दयाशंकर मिश्र ’दयालु’, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी, विधायक डॉ0 अवधेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव तथा त्रिभुवन राम सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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