जिलाधिकारी ने गौशालाओं का किया औचक निरीक्षण

Sep 24, 2026 - 20:37
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जिलाधिकारी ने गौशालाओं का किया औचक निरीक्षण

अमेठी, संवाददाता। जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने गुरुवार को जनपद की गौशालाओं में गोवंशों के संरक्षण एवं उनके लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वृहद गो संरक्षण केंद्र रोहसी बुजुर्ग तथा कान्हा गौशाला चौहनापुर का औचक निरीक्षण कर वहां संरक्षित गोवंशों की स्थिति, व्यवस्थाओं एवं अभिलेखों का गहनता से परीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गौशालाओं में संरक्षित गोवंशों की संख्या के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जी.के. शुक्ला ने बताया कि वृहद गो संरक्षण केंद्र रोहसी बुजुर्ग में 410 गोवंश तथा कान्हा गौशाला चौहनापुर में 158 गोवंश संरक्षित हैं। जिलाधिकारी ने गोवंशों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे हरे चारे, भूसे, स्वच्छ पेयजल एवं पशु आहार की गुणवत्ता की जानकारी ली और निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में गोवंशों को भोजन एवं पेयजल की कमी न होने पाए। 

जिलाधिकारी ने दोनों गौशालाओं में बीमार गोवंशों के उपचार एवं देखभाल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि बीमार गोवंशों के लिए गौशाला परिसर में अलग स्थान चिन्हित किया जाए, ताकि उनका समुचित उपचार एवं निगरानी की जा सके। इसके साथ ही उन्होंने मृत गोवंशों के निस्तारण के लिए पृथक भूमि चिन्हित करने तथा मृत गोवंशों का सुनियोजित ढंग से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। 

उन्होंने कहा कि गोवंशों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाए तथा किसी भी प्रकार की बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराया जाए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गौशालाओं में तैनात केयर टेकरों की संख्या, उनकी उपस्थिति एवं मानदेय भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कर्मियों की उपस्थिति नियमित रूप से दर्ज की जाए तथा मानदेय भुगतान समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने स्टॉक पंजिका सहित गौशाला में संधारित विभिन्न अभिलेखों का निरीक्षण किया और निर्देश दिए कि सभी अभिलेख अद्यतन रखे जाएं तथा उनमें प्रतिदिन नियमित रूप से प्रविष्टियां की जाएं। वृहद गो संरक्षण केंद्र रोहसी बुजुर्ग के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान एवं पंचायत सचिव को गौशाला को मॉडल गौशाला के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। 

उन्होंने कहा कि गौशाला में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए इसे अन्य गौशालाओं के लिए उदाहरण बनाया जाए। जिलाधिकारी ने सहभागिता योजना के अंतर्गत दुधारू गायों को कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को उपलब्ध कराए जाने की प्रगति की भी समीक्षा की तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने वर्तमान वर्षा ऋतु को देखते हुए सभी गौशालाओं में विशेष साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि गौशालाओं में स्वच्छ वातावरण बनाए रखा जाए, जलभराव की स्थिति न बनने दी जाए तथा गोवंशों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। 

निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जी.के. शुक्ला, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद गौरीगंज सुनील कुमार, संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारी, ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव तथा अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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