जिलाधिकारी ने जिला पुरुष एवं महिला अस्पताल का किया औचक निरीक्षण

Sep 25, 2026 - 21:12
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जिलाधिकारी ने जिला पुरुष एवं महिला अस्पताल का किया औचक निरीक्षण

हमीरपुर, संवाददाता। जिलाधिकारी अशोक कुमार ने शुक्रवार को जिला पुरुष एवं महिला अस्पताल का औचक एवं गहन निरीक्षण कर चिकित्सा सेवाओं, मरीजों की सुविधाओं, साफ-सफाई तथा अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न पटल एवं इकाइयों का निरीक्षण करते हुए उपस्थिति रजिस्टर की जांच की तथा चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की दैनिक कार्यप्रणाली के संबंध में जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों एवं उनके तीमारदारों से सीधे संवाद कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने मरीजों से दवाइयों की उपलब्धता, उपचार की स्थिति तथा अस्पताल के चिकित्सकों एवं अन्य स्टाफ के व्यवहार के संबंध में फीडबैक लिया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों एवं उनके तीमारदारों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो तथा अस्पताल में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान एक्स-रे यूनिट, सीटी स्कैन यूनिट, ऑर्थाेपेडिक्स, पैथोलॉजी, ब्लड कलेक्शन लैब, ब्लड बैंक, एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र), आयुष्मान केंद्र, टीबी वार्ड, फिजियोथेरेपी यूनिट, नई डायलिसिस यूनिट, परामर्श कक्ष सहित अस्पताल की विभिन्न चिकित्सा इकाइयों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रत्येक इकाई में उपलब्ध सुविधाओं एवं मरीजों को प्रदान की जा रही सेवाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

अस्पताल की किचन के निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि मरीजों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि भोजन तैयार करने में केवल ब्रांडेड एवं पैक्ड तेल का ही प्रयोग किया जाए तथा खुले तेल का प्रयोग किसी भी दशा में न किया जाए।

दवाइयों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने चिकित्सकों को निर्देशित किया कि अस्पताल में उपलब्ध दवाइयां मरीजों को उपलब्ध कराई जाएं और किसी भी मरीज को अनावश्यक रूप से बाहर की दवाइयां न लिखी जाएं। औषधि भंडार केंद्र के निरीक्षण के दौरान रेबीज एवं सर्पदंश के पर्याप्त टीके उपलब्ध पाए गए।

उन्होंने मरीजों के रेफरल के संबंध में भी स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल अति-गंभीर एवं क्रिटिकल मामलों में ही मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर किया जाए। सामान्य एवं उपचार योग्य मामलों में स्थानीय स्तर पर ही बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाए।

मरीजों के तीमारदारों द्वारा स्वयं स्ट्रेचर खींचे जाने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को स्ट्रेचर एवं व्हीलचेयर से ले जाने की जिम्मेदारी संबंधित वार्ड ब्वाय की होगी। किसी भी स्थिति में तीमारदारों से यह कार्य न कराया जाए और अस्पताल स्टाफ अपनी जिम्मेदारी का समुचित निर्वहन सुनिश्चित करे।

आयुष्मान केंद्र के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आने वाले किसी भी मरीज के साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार न हो। पात्र लाभार्थियों को योजना के अंतर्गत अनुमन्य सुविधाओं का लाभ दिलाते हुए गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

निरीक्षण के दौरान सीएमएस डॉ० आर० एस० प्रजापति ने जानकारी दी कि जिला अस्पताल में 68 बेड स्वीकृत हैं, जबकि मरीजों की संख्या को देखते हुए 24 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था कर कुल 92 बेड के स्तर पर व्यवस्था संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अधिकांश मरीज वायरल बुखार से पीड़ित हैं तथा लगभग 7 से 8 दिनों के उपचार के बाद स्वस्थ हो रहे हैं। ब्लड बैंक के निरीक्षण में वर्तमान में 26 यूनिट ब्लड उपलब्ध पाया गया।

निरीक्षण के दौरान एक तीमारदार द्वारा शिकायत की गई कि टीकाकरण के उपरांत उसके बच्चे की मृत्यु हो गई तथा आपातकालीन सेवा उपलब्ध कराने के बजाय उसे पर्चा बनवाने के लिए भेजा गया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के उपरांत मीडिया से वार्ता करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि अस्पताल में साफ-सफाई व्यवस्था, वार्डों में बेडशीट की स्वच्छता तथा समग्र प्रबंधन में और सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सर्जन की कमी के कारण कुछ मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है, जिसके संबंध में शासन स्तर पर वार्ता कर सर्जन की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सीएमओ एवं सीएमएस को अस्पताल प्रबंधन तथा वार्ड ब्वाय की कार्यप्रणाली को और अधिक व्यवस्थित एवं जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० अलका शुक्ला, सीएमएस पुरुष अस्पताल डॉ० आर० एस० प्रजापति, सीएमएस महिला अस्पताल डॉ० राजीव कुमार, जिला सूचना अधिकारी सतीश कुमार सहित चिकित्सक एवं अन्य चिकित्सा स्टाफ उपस्थित रहा।

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